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देश का किसान और युवा कहा है?????

 आज के समय में युवाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है और हम अगर इसकी गहराई में जाए कि ऐसा क्यों है तो इसका सबसे बड़ा कारण कहीं ना कहीं शिक्षा है। हमें शिक्षा को इस तरह से संयोजित करना होगा ताकि हमारे युवा भविष्य में कम से कम उस शिक्षा के बलबूते पर अपनी आजीविका चला सकें ताकि उन्हें आगे चलकर बेरोजगारी का सामना ना करना पड़े। अगर हम अपनी संस्कृति और वेदों की बात करें तो उस समय में युवाओं की प्रतिभा को देखकर उन को चुना जाता था ना कि आज के समय की तरह परीक्षा को लेकर। अगर हम युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुसार चुनेंगे तो वह काम पूरे मन से करेंगे ना कि यह सोच कर कि हमें 9:00 से 5:00 तक काम करना है।

अब मुद्दा यह है कि यह सब कैसे ठीक हो आज के समय में उद्योगों का केंद्रीयकरण हो रहा है जैसे गुरुग्राम में आई.टी.सेक्टर का केंद्र बना हुआ है ऐसे और भी बहुत सारे उद्योग हैं तो सबसे पहले हमें इस केंद्रीकरण को तोड़ना होगा इससे हमें यह फायदा होगा कि जो आय असमानता बनी हुई है शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वह कम होगी।

अभी कोरोना काल के समय श्रमिक वर्ग का स्थानांतरण हो रहा है बहुत बड़ी संख्या में, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है किसानों को भी श्रमिक वर्ग को भी। अगर थोड़ी देर के लिए इस मुद्दे को हम दूसरी तरफ रख दें तो हम सब जानते हैं कि हमारे देश में हर एक गांव के अंदर पंचायती जमीन है और उस पंचायती जमीन का मुख्य काम यह है कि उस जमीन को पंचायत किसानों को ठेके पर देती है और उससे पंचायत के पास पैसा आता है। जो पंचायत के लिए आमदनी का जरिया है पंचायत की जमीन का सही तरह से सदुपयोग नहीं हो रहा है अब हम उदाहरण के तौर पर गांव को लेते हैं और उसका अच्छी तरह से मानचित्रण करते हैं कि कहां पर कौन सी चीज की पैदावार अच्छी होती हैअगर हमारे पास इन सब चीजों का एक रिकॉर्ड होगा तो हम उसी के हिसाब से उन्हीं वस्तुओं के उद्योगों को गांव के आसपास लगा सकते हैंजिससे गांव में जो पैदावार हो रही है वह सीधे उन कृषि उद्योग में भेजा जाएगा उससे हमें दो लाभ होंगे।

एक तो किसानों की फसलों का सही दाम मिलेगा और दूसरी तरफ आसपास के युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुसार रोजगार मिलेगा और जब लोग काम पंचायत के स्तर पर होगा तो जो महात्मा गांधी जी का सपना ग्रामीण विकास का था जिसको आगे चलकर एक बहुत बड़ा रूप दिया हमारे पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जी ने कि ग्रामीण क्षेत्रों को इतना विकसित कर दिया जाए ताकि युवाओं को शहरी क्षेत्रों की तरफ ना जाना पड़े उस दिन हम सही मायने में सशक्त होगे।उद्योगों के स्थानांतरण से हमें दो फायदे होंगे पहला उद्योगों को लगाने की शुरुआत जमीनी स्तर से शुरू होगी जिससे लोगों का रुझान उद्यमवृति की तरफ बढ़ेगा और किसानों का जो कच्चा माल होगा वह लोगों को बाजारों में मिलेगा। इससे किसान और युवाओं के जो मुख्य मुद्दे हैं वह हल होने की पूरी पूरी संभावना है इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।उद्योगों के स्थानांतरण से हमें दो फायदे होंगे पहला उद्योगों को लगाने की शुरुआत जमीनी स्तर से शुरू होगी जिससे लोगों का रुझान उद्यमवृति की तरफ बढ़ेगा और किसानों का जो कच्चा माल होगा वह लोगों को बाजारों में मिलेगा। इससे किसान और युवाओं के जो मुख्य मुद्दे हैं वह हल होने की पूरी पूरी संभावना है इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।

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